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भिवंडी,हिन्दुस्तान की आवाज,एम हुसेन
भिवंडी।  स्वतंत्र पत्रकार लेखक संस्था और दैनिक पहला समाचार द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित पत्रकारिता का गिरता स्तर और निदान परिचर्चा में बोलते हुए वरिष्ठ पत्रकार भास्कर तिवारी ने कहा कि पत्रकारिता में स्वार्थी तत्वों का समावेश होता जा रहा है। इसी के साथ समाज टुकड़ों में बटा नजर आता है। पत्रकार और पत्रकारिता को इसी वातावरण में   अंजाम देने से यह संकट बढ़ता जा रहा है। जिसके कारण पत्रकारिता के स्तर में गिरावट नजर आ रही है। आधारहीन खबरें ही पत्रकारिता पर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर रही है ।पत्रकार को निडर, निर्भीक रहकर ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ अपना समाचार लिखना चाहिए। सामाजिक, धार्मिक, आर्थिक परिवर्तन भी इसका बड़ा कारण माना जाना चाहिए। इसलिए समय आ गया है कि पत्रकारिता  को परिभाषित किया जाए और इसकी समीक्षा भी की जाए। पत्रकारिता भी समाज में हो रहे परिवर्तन से अछूती नहीं रही है। पत्रकारिता संक्रमण काल से गुजर रही है। पत्रकारिता के मूल्यांकन को करना कठिन है। समाधान उलझा हुआ प्रतीत होता है। इस समस्या से पत्रकारिता को विद्वान पत्रकार ही उबार सकते हैं। जिसके लिए समय-समय पर कार्यशाला का आयोजन कर इसकी समीक्षा होनी  चाहिए।
        स्थानीय आनंद दिघे चौक जकात नाका के पास रीजेंट ग्रैंड होटल हाल में स्वतंत्र पत्रकार लेखक संस्था व दैनिक आज समाचार द्वारा पत्रकारिता का गिरता स्तर और निदान विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें प्रमुख रुप से वरिष्ठ पत्रकार भास्कर तिवारी,पत्रकार मुस्ताक खान,भाजपा महासचिव प्रेम नारायण राय, समाज सेवक मनोज ठाकुर,चौहान महासंघ अध्यक्ष राम सिंह चौहान, बद्री शर्मा, नगरसेवक वसीम अंसारी, उत्तर भारतीय कामगार संघ के अध्यक्ष शंकर  चक्रवर्ती उर्फ मुन्ना , पत्रकार गजेंद्र सिंह सिकरवार आदि लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए । कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वतंत्र पत्रकार लेखक संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्ण गोपाल सिंह ने की। सिंह ने कहा कि पत्रकार को सफल पत्रकारिता के 4 सूत्र समझदारी, ईमानदारी, जिम्मेदारी और बहादुरी के सूत्र का पालन करते हुए पत्रकारिता करनी चाहिए। आज व्यवसायिक युग में पत्रकारिता के मायने भी बदलते जा रहे हैं ।पत्रकारिता का स्तर धुंधला जरूर हुआ है । इससे यह नहीं मान लेना चाहिए कि पूरी पत्रकारिता मैली हो गई है। पत्रकारिता के स्तर में क्षरण जरूर आया है लेकिन पत्रकार आज भी अपने मानदंड की ऊंचाइयों पर कायम है। इस तरह सभी अखबार और पत्रकार को गलत मान लेना ही अपने आप में गलत है। पत्रकारों पर उंगली उठाने वाले लोगों को अपनी तरफ भी देखना चाहिए। कार्यक्रम में पत्रकार आचार्य सूरजपाल यादव ,लवलेश सुतार ,पीडी यादव ,अमृत शर्मा, ताज अंसारी, रेहान खान, नीलम तिवारी, संतोष सोनी, महेंद्र सिंह, रमेश यादव सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता संस्थाओं के अध्यक्ष और स्थानीय पत्रकार उपस्थित थे। इसी कार्यक्रम में अकेला जीवन जीने पर मजबूर एक असहाय 92 वर्षीय बुजुर्गों को सहायता देकर अंधेरे जीवन से निकालकर वृद्धा आश्रम तक पहुंचाने वाले पत्रकार अमृत शर्मा का सामाजिक सम्मान किया गया। कार्यक्रम का संचालन पत्रकार खान फखरे आलम ने किया। कार्यक्रम के प्रमुख आयोजक पत्रकार गजेंद्र सिंह सिकरवार ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।

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