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-डीएम को सौंपा ज्ञापन, अधिवक्ताओं की ओर से भी मुकदमा दर्ज कराने की मांग की, तहसील परिसर में बन्द कराये कार्यालय
-प्रदर्षन के बाद जिलाधिकारी को ज्ञापन देते अधिवक्ता

कन्नौज,हिन्दुस्तान की आवाज़,अनुराग चौहान

कन्नौज। लेखपालों व अधिवक्ताओं के मध्य हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया है। सोमवार को लेखपालों द्वारा अधिवक्ताओं पर कार्रवाई की मांग किए जाने की सूचना मिलते ही अधिवक्ताओं में आक्रोश व्याप्त हो गया।  मंगलवार को साथियों पर दर्ज एफआइआर का अधिवक्ताओं ने विरोध कर सदर तहसील में हंगामा किया। राजस्व कर्मियों को बाहर निकाल कमरों में तालाबंदी की। कलेक्ट्रेट में लेखपालों के खिलाफ नारेबाजी कर जिलाधिकारी रवींद्र कुमार से कार्रवाई की गुहार लगाई गई। लेखपालों पर कार्रवाई नहीं हुई तो लायर्स बार एसोसिएशन लामबंद हो गया। अधिवक्ता संघ कलेक्ट्रेट ने भी घटना की निंदा कर साथियों का समर्थन किया।
सदर तहसील के कार्यालयों में तालाबंदी व नारेबाजी कर अधिवक्ताओं का प्रतिनिधि मंडल जिलाधिकारी रवींद्र कुमार से मिला। अधिवक्ताओं ने बताया कि इंतखाब को लेकर मुंशी व लेखपालों में मामूली कहासुनी हुई थी। मामला शांत करने के बजाय मुंशी व अधिवक्ताओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। लेखपालों से किसी तरह की मारपीट नहीं हुई है। रिपोर्ट लिखने वाले लेखपाल का घटना से कोई मतलब भी नहीं है। अधिवक्ताओं ने एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी कर डीएम को बुलाने की मांग उठाई। जिसके बाद डीएम  ने अधिवक्ताओं को बुलाया। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट रामदास के समझाने पर अधिवक्ता डीएम के पास पहुंचे। लायर्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मो. नाजिम अख्तर व अधिवक्ता संघ कलेक्ट्रेट के अध्यक्ष अजय कुमार यादव ने एसडीएम सदर शालिनी प्रभाकर पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया। बताया कि मामले में समझौता कराने की जिम्मेदारी एसडीएम सदर को दी गई है लेकिन वह लेखपालों को बचा रहीं हैं।


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