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वसई,हिन्दुस्तान की आवाज,राधेश्याम सिग


वसई ; दिसंबर 2017 को निषाद घाडी की मौत मामले को लेकर वसई-विरार शहर महानगर पालिका कि ओर संबंधित अस्पतालों को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है| मनपा की ओर से जांच रिपोर्ट आयुक्त को प्रस्तुत करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी| इसी बीच मनपा क्षेत्र के बड़े अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी का मामला भी प्रकाश में आया है|ज्ञात हो कि नालासोपारा पूर्व के रहने वाले निषाद घाडी नामक लडके की मौत के बाद वीवीसीएमसी की ओर से प्राइवेट अस्पतालों की व्यवस्था को लेकर प्रश्न खड़े करते दिखाई दे रहे है| पालिका की ओर से उक्त घाडी मौत मामले की छानबीन को लेकर एक समिति गठित की है| समिति की ओर संबंधित अस्पतालों की छानबीन के बाद रिपोर्ट भी मनपा को सौंपी जा चुकी है| इस बीच सुसज्ज अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी, पुलिस की लापरवाही, विशेषज्ञ डॉक्टरों की मानसिकता की कमी को पाया गया है| नालासोपारा पश्चिम स्थित रिद्धी विनायक अस्पताल में निषाद के उपचार को लेकर शुक्रवार एक पत्रकार परिषद का आयोजन किया गया| रिध्दी विनायक अस्पताल के प्रमुख डॉ वेंकट गोयल ने पत्रकार परिषद को बताया कि 9 दिसंबर 2017 को दोपहर 1.15 के आसपास घायलावस्था में लाया गया था| उसकी स्थिति काफी नाजुक थी। और छोटा लड़का होने के कारण उसे अतिदक्षता विभाग की आवश्यकता थी| 11 वर्षीय घाडी के उपचार के लिए बाल रोग विशेषज्ञ की आवश्यकता थी, ।जिसके कारण 17 मिनिट के बाद उसे तत्काल नालासोपारा पूर्व के एलायंस अस्तपाल में भेज दिया गया| उन्होंने कहा कि हमारे पास सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल है ।और सभी सुविधाओं को पूर्ण करने प्रयत्न किया जा रहा है ।लेकिन विशेष डाक्टरों की काफी अभाव है| गोयल ने कहा कि वसई-विरार शहर महानगर पालिका की इतनी बड़ी आबादी वाले क्षेत्र के अधिकांश अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को बताया गया | उन्होंने कहा कि निषाद घाडी को पूर्व के अस्पताल में अतिदक्षता विभाग की ओर से वेंटिलेटर पर रखा गया।लेकिन उसके प्राण को बचाया नहीं जा सका| वही पालिका के वैद्यकीय आरोग्य विभाग के प्रमुख डॉ. राजेंद्र चव्हाण ने कहा कि उक्त घटना के बाद हमारी कोशिश रहेगी कि अब किसी भी लड़के का निषाद घाडी जैसी मामले की पुनरावृत्ती नहीं होगी।

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