Ads (728x90)

चोरी कबंल ओढ़कर सोया प्रशासन

दीपक गुप्ता / छत्तीसगढ़

रा*यगढ/मॆ चिप्स लगा कर पेट्रोल पंपो मे की जा रही चोरी का मामला सामने के बाद खाद्य व माप तौल अधिकारियों ने रायगढ़ मे किसी भी पेट्रोल पंप की जांच नहीं की .यह एक तरह से लोगों की पाकिट काटने वालों को बचाने के लिये दी गयी छूट हें इन समाचारो के वायरल होने से पहले ही यदि संबधित विभाग कार्यवाही करते तो लाखों की इस हेराफेरी पर से पर्दा उठ सकता था छत्तीसगढ़ में सिर्फ अम्बिकापुर में ही यह संज्ञान लिया गया और जांच की गयी लेकिन बाकी जगह तो सरकारी अमला कबंल औढ़ कर सोते रहा उसे इस बात का इल्म ही नहीं है की इस आधुनिक तकनीक से पेट्रोल व डिजल के हजारो लिटर फ्यूल की चोरी पर पेट्रोल पंप मालिक रोजाना लाखों रुपये कमा रहें है जिसकी किसी को भनक तक नहीं। कईसालो से चल रहें इस खेल में अब तक तो सिर्फ रायगढ़ में ही करोडो़ रुपये का वारा न्यारा हो चुका हें शहर में जिस तेजी से पेट्रोल पम्पों की संख्या बढ़ी है उसी तेजी से उन पेट्रोल पम्पों में पेट्रोल व डीजल की चोरी भी आम बात हो गई है। पलक झपकते ही उपभोक्ता के आंख में धूल झोंकने का काम पेट्रोल डालने वाले कर रहे हैं। कई प्वांईट पेट्रोल चुराने का यह खेल लम्बे समय से चल रहा है। मजे की बात यह है कि नापतौल विभाग जिसे इन पेट्रोल पम्पों की समय - समय पर जांच करनी चाहिये वह कभी पेट्रोल पंपो मे झाकना तक उचित नहीं समझता उसे हर माह बंधी हुयी रकम नजराने के बतौर पहुच जाती हैं कल जब यु.पी.में इस बात का रहस्योदधाटन हुआ की चिप लगा कर पेट्रोल चुराया जा रहा हें तो पुरे देश में हड़कप मच गयी हें और आनन फानन पेट्रोल पंपो की जांच शुरु हुयी तो लोगों की आखें फटी की फटी रह गयी इतने बडे़ पैमाने पर और इस तरह की चोरी किसी ने सोची व कल्पना भी नहीं की थी ।इसके बाद भी छत्तीसगढ़ में राम राज्य कहे या रमन राज्य की किसी ने इतना होने के बाद भी इस चोरी को रोकने का कोई उपक्रम अभी तक नहीं किया ।एक अम्बिकापुर में जरुर आज शुक्रवार को कलेक्टर के निर्देश पर डिप्टी कलेक्टर सूर्य किरण अग्रवाल सहित अन्य अधिकारियों ने कई पेट्रोल पम्पों में जांच की। जांच में क्या मिला है इसका खुलासा अभी नहीं हो सका है। विदित हो कि रायगढ़ में पूर्व में एक प्रशासनिक अधिकारी द्वारा पेट्रोल पम्पों की आकास्मिक जांच की थी तथा पेट्रोल पम्प में पेट्रोल चोरी किये जाने का खुलासा हुआ था। कम पेट्रोल देने व मिलावट होने का भी खुलासा हुआ था लेकिन सिर्फ फाईन व जुर्माना कर उन्हें छोड़ दिया गया ई.सी.एक्ट के तहत सजा का जो प्रवधान हें उस पर कभी भी अमल नहीं किया गया जिसका नतीजा यह निकला की स्थिती पहले की तरह ही फिर से बन गयी ।अधिकारियों के इसी रवैये के कारण लोगों का मानना हैं की यह सब प्रशासनिक साठगांठ का मामला हें जिसमें जिले के कलेक्टर से लेकर चपरासी तक की मिलीभगत रहती हैं तभी तो कलेक्टर के यहां मामले में कोई कार्यवाही नहीं की जाती ।इसी का परिणाम है की फिर वही ढाक के तीन पात वाली कहावत चरितार्थ हो रही हैं । पेट्रोल पम्प में कार्यरत लोग कई प्रकार से कम पेट्रोल देने में लगे हुये हैं।गौरतलब है कि हाल ही में लखनऊ के सात पेट्रोल पम्पों में चीप और रिमोट कंट्रोल के जरिए पेट्रोल कम देने का खुलासा जिला प्रशासन व नापतौल विभाग ने किया था। कुछ इसी तर्ज पर शहर में भी स्थापित कई पेट्रोल पम्पों में तेल चोरी का खेल जमकर खेला जा रहा है। पेट्रोल पम्पों में इस तेल के खेल में सिर्फ उपभोक्ताओ को नुकसान उठाना पड़ रहा है। एक लीटर पेट्रोल में कई प्वाइंट पलक झपकते ही चोरी कर लिये जा रहे हैं। पेट्रोल पम्पों में गड़बड़ी की शिकायत की गयी तो प्रशासनिक अधिकारियों ने दिखवाने का आश्वासन दिया किसी प्रकार की कोई जांच किसी पेट्रोल पंप की नही की गयी


*मिलावट का भी अंदेशा*


पूर्व में हुई कार्यवाही में कई पेट्रोल पम्पों में मिट्टी तेल की मिलावट भी सामने आई थी। उपभोक्ताओं को जहां एक ओर पेट्रोल पम्प संचालक पेट्रोल चोरी कर उपभोक्ताओं को जेब में डाका डाल रहे हैं, वहीं मिलावट के अंदेशे से भी इंकार नहीं किया जा सकता। मिलावटी पेट्रोल से वाहनों में गड़बडियां भी आम बात हो गई है।कहा जाता हें की मिलावट तो पेट्रोल पंपो का जन्म सिध्द अधिकार हें जिसे कोई नही रोक सकता ।

*करेंगे कार्यवाही-राठिया*


पेट्रोल पम्प में गड़बड़ी को लेकर जिला खाद्य अधिकारी राठिया का कहना है कि वे नाप तौल विभाग के अधिकारी से बात कर मामले की जांच करायेगें।जांच में जहां भी गड़बड़ी पाई जायेगी, वहां कार्यवाही की जायेगी।

Post a Comment

Blogger