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-राष्ट्रभाषा स्वाभिमान न्यास की में बैठक धर्मशील के निधन को बताया गया पत्रकारिता जगत की अपूरणीय क्षति
 -पत्रकार उत्पीड़न की बढ़ती घटनाओं पर चिंता प्रकट करते हुए राज्यपाल से मिलने का लिया गया निर्णय


मीरजापुर। वाराणसी के प्रख्यात साहित्यकार, मूधन्र्य पत्रकार एवं वरिष्ठ अधिवक्ता पंडित धर्मशील चतुर्वेदी का 83 वर्ष की अवस्था में निधन हो गया। उनके निधन की खबर से जनपद के पत्रकारों, साहित्यकारों और प्रबुद्वजनों में शोक की लहर दौड़ गई है। विभिन्न सामाजिक सांस्कृतिक संगठनों ने भी शोक सभा आयोजित कर उनके निधन पर पत्रकारिता और साहित्यजगत की अपूरणीय क्षति बताते हुए गहरा दुःख प्रकट किया है। राष्ट्रभाषा स्वाभिमान न्यास की बैठक वरिष्ठ पत्रकार अंजान मित्र के कदमतर स्थित आवास पर न्यास के क्षेत्रीय संयोजक पत्रकार संतोष देव गिरि की अध्यक्षता में हुई जिसमें काशी के वरिष्ठ पत्रकार, साहित्यकार पंडित धर्मशील चतुर्वेदी के निधन पर गहरा दुःख प्रकट करते हुए उनके निधन को पत्रकारिता जगत की अपूरणीय क्षति बताया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए न्यास के संयोजक संतोष देव गिरि ने कहा कि पंडित जी काशी के मूर्धन्य पत्रकारों और साहित्यकारों में शुमार होने के साथ एक आधार स्तम्भ थे जिनको भुला पाना कठिन होगा। उनकी कमी बराबर खलती रहेंगी। वह काशी खासकर बनारसी मिजाज के प्रमुख पहचान और ज्ञाता भी थे। जिनकी लेखनी और साहित्य छवि के साथ-साथ मृदुलभाषी स्वभाव के सभी कायल थे। उन्होंने जीवन पर्यत्न काशी की पत्रकारिता और साहित्यिक छवि को बरकरार रखने के साथ ही नवोदितों को आगे बढ़ाने का काम किया। इस दौरान जितेन्द्र बहादुर सिंह एडवोकेट, मनीष सिंह मनु, सूर्यनारायण शूर, सुनील कुमार, आशीष कुमार तिवारी, कमलेश जायसवाल, विद्यासागर इत्यादि उपस्थित थे। अंत में दो मिनट को मौन रख ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। इसी क्रम में आइडियल जर्नलिस्ट एसोसिएशन (इजा) मीरजापुर ईकाई की बैठक में काशी के वरिष्ठ पत्रकार, साहित्यकार के निधन पर दो मिनट का मौन रख शोक संवेदना प्रकट किया गया। बैठक में पत्रकार उत्पीड़न की बढ़ती घटनाओं पर चिंता प्रकट करते हुई राज्यपाल से मिलने का निर्णय लिया गया। वक्ताओं ने कहा कि मौजूदा समय में जनपद सहित विभिन्न जनपदों में शांति भंग की धारा में पत्रकारों को भी पाबंद किया जा रहा है जो घृणित ही नहीं हास्यपद है। कुशीनगर जिले के अमर उजाला समाचार पत्र के तहसील प्रभारी मनोज कुमार को उनके मोबाइल नंबर पर वहां के हाटा विधान सभा से विधायक एवं प्रदेश सरकार के कृषि चिकित्सा शिक्षा मंत्री राधेश्याम सिंह द्वारा चुनाव समाप्त होने के बाद कार्यालय सहित उन्हें पेट्रोल गिराकर फूंकने की दी गई धमकी पर गहरा आक्रोश जताते हुए कहा गया कि इस प्रकार की धमकियों से तो यही प्रतीत होता है कि सत्ताधारी दल के मंत्री पूरी तरह से बेलगाम ही नहीं बल्कि अराजकता पर उतर आये है। एक जनप्रतिनिधि द्वारा मीडियाकर्मी को इस प्रकार से धमकी दिया जाना उजागर करता है सत्ता के मद में चूर होकर यह किस हद तक जा सकते है। बैठक में उपस्थित पत्रकारों ने एक स्वर में हाटा विधायक के खिलाफ दण्डनात्मक कार्रवाई करने के साथ उक्त पत्रकार को सुरक्षा दिलाने की मांग की गई। इस दौरान संतोष गिरि, धीरेन्द्र सिंह, विपीन पांडेय,राजकुमार शर्मा, घनश्याम ओझा, रिजवान अहमद, जितेन्द्र सिंह सुधीर कुमार, धर्मेन्द्र कुमार प्रजापति इत्यादि प्रमुख उपस्थित रहे।

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