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प्रतापगढ़(प्रमोद श्रीवास्तव) रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को पानी की बोतल मांगने को लेकर वेंडरों ने ट्रेन के गार्ड को जमकर पीटा। मारपीट होने से प्लेटफार्म पर भगदड़ मच गई। बचाव करने आए गार्ड के भाई और सहयोगियों ने वेंडरों का पकौड़ा रेलवे लाइन पर फेंक दिया गया। मौके पर पहुंची जीआरपी वेंडरों को पकड़कर थाने ले गई। बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया।

शुक्रवार को मनकापुर से इलाहाबाद जाने वाली सरयू एक्सप्रेस करीब चार घंटे विलंब से प्रतापगढ़ स्टेशन पर आई थी।
प्रतापगढ़ का एक गार्ड अपने परिवार के सदस्यों को ट्रेन पर बैठाने आया था। साथ में उसका भाई भी था। इस दौरान गार्ड ने पानी बेच रहे वेंडर से बोतल मांगी। दो हजार की नोट होने पर गार्ड ने बाद में पैसा देेने की बात कही। इसी बीच वहां पकौड़ा बेच रहे दो वेंडरों ने गार्ड को बिना पैसे की बोतल लेने पर कमेंट कर दिया। यह बात गार्ड को नागवार लगी। उसने भी वेंडरों को कुछ कह दिया। बस इसी बात को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कई वेंडरों ने मिलकर गार्ड को पीटना चालू कर दिया। इस दौरान गार्ड के मुंह से खून निकल आया। उसके हाथ से भी खून निकलने लगा। गार्ड को पिटते देख उसका भाई ट्रेन से नीचे उतरा और फिर दोनों ने वेंडरों को पीटने के साथ ही उनका सारा पकौड़ा रेलवे लाइन पर फेेंक दिया। मारपीट होने से प्लेटफार्म पर अफरा-तफरी मच गई। भीड़ जमा हो गई। सूचना पर पहुंचे जीआरपी के सिपाही वेंडर को थाने ले गए। बाद में गार्ड सिपाही को लेकर बाकी वेंडरों को खोजने लगा, मगर वे मिले नहीं। एसओ वीके सिंह ने बताया कि थाने पर आकर दोनो पक्षों ने सुलह कर ली। गलती गार्ड और वेंडर दोनों की थी। एक ने गाली दी दूसरे ने मारपीट शुरू कर दी। रेलकर्मियों का आरोप था कि जीआरपी वाले वेंडरों से पैसे लेते हैं, इसलिए कार्रवाई नहीं की।

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