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भिवंडी। एम हुसेन। पूर्व कंई वर्षो से मुस्लिम समाज सभी क्षेत्रों में पीछे है। जिसकी जांच करने हेतु न्यामूर्ति रंगनाथ मिश्रा आयोग, गोपाल आयोग, सच्चर आयोग, महमूदुर्रहमान कमिटी की स्थापना की गई थी। उक्त सभी आयोग ने अपनी रिपोर्ट में मुस्लिम समाज की शैक्षणिक, आर्थिक व सामाजिक स्थिति संपूर्ण देश में दयनीय होने की पुष्टि की है। वहीं न्याय राजेन्द्र सिंह सच्चर आयोग की रिपोर्ट के अनुसार मुस्लिम समाज की परसतिथि देशभर के सभी क्षेत्रों में मागासवर्गीय की अपेक्षा नीचे है । इसी प्रकार न्याय रंगनाथ मिश्रा आयोग ने मुस्लिम समाज को सभी क्षेत्रों में 15 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए सिफारिश की है तथा महमूदुर्रहमान आयोग ने महाराष्ट्र राज्य के मुसलमानों को 9 प्रतिशत आरक्षण देने की सिफारिश की है परंतु किसी भी सत्ताधारी ने इस बाबत अमल नहीं किया है। केवल पूर्व की आघाड़ी सरकार ने मुस्लिम समाज को शिक्षण व नोकरियो में 5 प्रतिशत आरक्षण दिया था परंतु गठबंधन सरकार ने इस अध्यादेश को निरस्त करके मुस्लिम समाज पर अन्याय किया है। उक्त सभी समस्याओं के समाधान के लिए पूर्व दो वर्षों से मुस्लिम आरक्षण संघर्ष समिति के माध्यम से हम मांग कर रहे हैं। इसी क्रम में मुस्लिम आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष काजी अब्दुल जब्बार के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल ने भिवंडी प्रांताधिकारी डॉ संतोष थिटे के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन देकर मांग की है कि मुस्लिम समाज को शिक्षण व नोकरियो में आरक्षण दिया जाये, विविध आयोग द्वारा प्रस्तुत सिफारिश स्वीकार करते हुए उस पर अमल करे, मुस्लिम समाज के पर्सनलला में हस्तक्षेप न किया जाये। उक्त अवसर पर काजी अब्दुल जब्बार ने कहा कि पूर्व की सरकार द्वारा मुस्लिम आरक्षण को देवेंद्र फडणवीस सरकार बहाल करते हुए हमारी मांग पूरी करती है तो ही भाजपा सरकार का नारा सबका साथ सबका विकास सही साबित होगा । यदि हमारी मांग पूरी नहीं हुई तो हम संपूर्ण राज्य में मूक मार्च निकालकर तीव्र आंदोलन करेंगे। इस शिष्टमंडल में महबूब बाशा शेख, परवेज खान( पीके), नूर मोहम्मद शेख, नौशाद अंसारी, बादल, नवीद अंसारी शामिल थे।

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