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मुंबईकरों का वॉटर ट्रांसपोर्ट का सपना जल्द होगा पूरा।
मुंबई पोर्ट ट्रस्ट के तीन अहम प्रोजेक्ट्स का भूमिपूजन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस व केंद्रीय भूतल परिवहन और जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी द्वारा संपन्न
मुंबई,  भाऊचा धक्का से लेकर मांडवा और मांडवा से लेकर नेरूल के बीच जल्द ही वॉटर ट्रांसपोर्ट यात्री सेवा शुरू होगामार्च 2018 से पहले महाराष्ट्र सरकार इस ड्रीम प्रोजेक्ट को शुरू करेगीजिसका भूमिपूजन सोमवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा किया गया। इस ड्रीम प्रोजेक्ट की शुरवात होने के बाद 20 सालों से इंतेज़ार में रहे मुंबईकरों का एक सपना पूरा होने जा रहा है।
मुंबईकरों को यातायात की समस्या से निजात दिलाने के लिए मेट्रोमोनोउपनगरीय रेल्वे सेवा, बेस्ट बसों की सेवायों को इंटीग्रेटेड करने का काम जोरशोर से चल रहा हैअब इसमें वॉटर ट्रांसपोर्ट यानि जल यातायात को भी जोड़कर मुंबईकरों को एक बेहतर यातायात के साधन मुहैया कराना महाराष्ट्र सरकार की प्राथमिकता है।
मुंबई पोर्ट ट्रस्ट के माध्यम से ऑईल जेट्टी, यात्री टर्मिनल और बंकरींग टर्मिनल के काम का आज मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के शुभ हाथों से भूमिपूजन किया गया। साथ ही कोनशिला का भी अनावरण किया गयाइस दरमियान सांसद अरविंद सावंतविधायक राहुल शेवालेविधायक आशीष शेलार और अन्य अतिथिगण मौजूद थे।
मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस ने इस प्रोजेक्ट्स का भूमिपूजन करते हुए इसे एक महत्वपूर्ण और लाभकारी बताया और कहा कि पिछले 20 सालों से मुंबई की जनता जल यातायात यानि वॉटर ट्रांसपोर्ट के सपने देख रही थी जो अब जल्द से जल्द साकार होने जा रही है। मार्च 2018 से पहले इस प्रकल्प का काम पूरा करने का काम सरकार करेगी।
मांडवा से भाऊचा धक्का और नेरूल के बीच ढाई से तीन घंटों का फासला बहुत कम हो जायेगा। और महज 15 से 17 मिनटों में ये पूरा का पूरा फासला हम तय कर सकेंगे। और समय के साथ साथ हम ईंधन की भी बचत कर सकेंगे।
मुंबई में समंदर से जल यातायात शुरू होने से इसका बड़ा फायदा उद्योग और रोजगार पर भी होगा। मुंबई में यातायात की व्यवस्था को और सुधारने के लिए इंटीग्रेटेड टिकटिंग प्रणालीमेट्रो की लाइनें बिछाने के लिए 100 किलो मीटर का वर्क आर्डर जैसे तमाम काम महाराष्ट्र सरकार ने पिछले सालों में यातायात को और सरल बनाने के लिए किये है।
यात्री जेट्टी बनाने के लिए राज्य सरकार ने केंद्र सरकार के पास 69 प्रस्ताव भेजे थे जिनमें से प्रस्ताव मंजूर कर लिए गए है। और बचे 60 प्रस्ताव को जल्द मंजूरी मिल जायेगी।
पर्यटन के लिहाज से सरकार कोशिश कर रही है कि समंदर से होते हुए इलेक्ट्रिक केबल डाल कर एलिफेंटा में बिजली पहुंचाई जा सके ताकि पर्यटक एलिफेंटा में रात में भी रुक सकें। ये सारी प्रेरणादायक बातें महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भूमिपूजन के दौरान कही।
वही केंद्रीय मंत्री श्री. गडकरी ने कहा कि इस तीन प्रोजेक्ट्स की बदौलत मुंबई के विकास को और बल मिलेगा। जल यातायात से ईंधन और समय की भी बचत होगी साथ ही पर्यावरण भी शुध्द रहेगा।

ऐसे है तीन महत्वपूर्ण प्रकल्प
जवाहर द्विप येथे (जेडी 5) ऑईल जेट्टी- देश की सबसे बड़ी जेट्टी में शुमार हैईंधन से भरे बड़े बड़े टैंकर्स इस जेट्टी पर लोडिंग अनलोडिंग किया जा सकता है। मार्च 2019 में ये प्रोजेक्ट पूरा होगा।
बंकरींग टर्मिनल- बंकरिंग टर्मिनल यानि जहाजों में ईंधन यही भरा जायेगा। देश का पहला टर्मिनल जवाहर द्विप -यहाँ बनाया जा रहा है। इसका काम फ़रवरी 2017 में पूरा होगा।
रोरो पॅक्स सेवा- नेरूल से मांडवा और मांडवा से भाऊचा धक्का त्रिकोण रोरो सेवा। नेरूल से मांडवा की दूरी महज 17 मिनट तो वही भाऊचा धक्का से मांडवा का अंतर 15 मिनट में पूरा किया जा सकता हैइस सेवा में यात्रियों के साथ साथ बसकार की भी ट्रांसपोटेशन किया जा सकेगा।

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