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मुंबई  - रानीबाग में लाये गये पेंग्विन में से एक पेंग्विन के मौत पर आज पालिका स्थायी समिती में हंगामा हुआ । पेंग्विन के मौत पर सत्ताधारी शिवसेना के खिलाफ विऱोधीयो में मुकाबला हुआ । पेंग्विन के मौत के बारे में प्रशासन द्वारा किये गए  खुलासा उचीत नही लगने से  कॉंग्रेस, राष्ट्रवादी, मनसे, समाजवादी पार्टी  ने सभात्याग किया ।
भायखला के जिजामाता उद्यान के सार्वजनिक सुविधांओ के बांधकाम प्रस्ताव पर बोलते हुए मनसे के गटनेता संदीप देशपांडे ने पेंग्विन के मौत के लिए शिवसेना को जिम्मेदार ठहराया । भारतीय हवामान में पेंग्विन जिन्दा रह सकते है क्या इसका अभ्यास ना करते हुए लाये गये । उनके संरक्षण का काम ब्लैक यादी के ठेकेदार को क्यों दिया, यह सवाल करते हुए विरोधको ने पेंग्विन लाने के लिए पहले ही विरोध किया था । पेंग्विन के लिए योग्य सभी  सुविधा उपलब्ध नही होपाती तब तक उन्हें वापस भेज किये जाने की मांग देशपांडे ने किया.
इसपर राष्ट्रवादी के गटनेता धनंजय पिसाल ने रानी बाग उद्यान की फ़िलहाल क्या स्थिति है, यह सवाल करते हुए उद्यान बेहतर करने के लिए हमारा समर्थन है लेकिन भारत के बाहेर के प्राणी भारत के वातावरण में रह नही सकते है यह देखकर निर्णय लिया जाये यह सुझाया । समाजवादी पार्टी के गट नेता रईस शेख ने पेंग्विन लाने के बाद उनकी सेहत की जांच हुई थी क्या, वचननाम के नामपर कोई भी चीज ना करे यह टिपण्णी भी उन्होंने की । कांग्रेस के नगरसेविका वकारउन्नीसा ने रानीबाग में पहले भारतीय प्राणी रखे, यह टिप्पणी की ।
सभागृह नेता विश्वासराव ने विरोधीओ के आरोपों पर जवाब देते समय आरोप लगाया की, जिजामाता उद्यान के विकास के लिए मान्यता देने के लिए पूर्व काँग्रेस सरकार ने देरी की । पेंग्वीन का प्रस्ताव स्थायी समिती में आया था तब किसीने विरोध नहीं किया था यह कहते हुए उन्होंने विरोधीयो का समाचार लिया । पेंग्विन को लानेवाली मुंबई महानगरपालिका यह पहिली मनपा है । रईसों के बच्चे परदेश में जाकर पेंग्विन देखते है । पर सभी को पेंग्विन देखने मिले, इस उद्देश से पेंग्विन मुंबई में लाने का निर्णय होने की जानकारी देते हुए यह बालहट्ट और युवा हट्ट नही है यह स्पष्ट किया ।

पेंग्विन लाने का उपक्रम २००९ से शुरू था । अंतरराष्ट्रीय गाईड लाईन के नुसार सुविधा उपलब्ध किये जाने की बात अतिरिक्त आयुक्त कुंदन ने कही। उनका भोजन भी उस अनुसार शुरू है और तापमान की ओर विशेष ध्यान दिया जा रहा है । पेंग्विन लाने के लिए कई विभागों की मान्यता लेनी होती है । उन्होंने कहा कि, उनके खून की जांच हुई थी । न्यूझीलंड के तज्ज्ञ द्वारा अपने कर्मचारीयो को प्रशिक्षण दिया गया है, यह उन्होंने स्पष्ट किया । मृत पेंग्विन को डॉक्टर ने अच्छी तरह ट्रीटमेंट दी थी। २४ घंटे तीन डॉक्टर कार्यरत है । फ़िलहाल मृत पेंग्विन का अंतिम रिपोर्ट आया नहीं है, यह उन्होंने स्पष्ट किया ।

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