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भिवंडी ।एम हुसेन। भिवंडी के मुस्लिम धर्मगुरुओं  द्वारा  सामाजिक अंतर  का पालन करते हुये पावन ईद की सामूहिक नमाज पढ़ने की अनुमति देने की मांग पुलिस आयुक्त से की गई  है ।

   ठाणे पुलिस आयुक्त को भेजे गये पत्र में भिवंडी के मुस्लिम धर्मगुरुओं ने कहा है कि कोरोना वायरस के संक्रमण के  कारण लॉकडाउन किया गया है। भीड़ होने के कारण मस्जिदों में नमाज पढ़ने पर रोक लगाई गई थी । ताकि सामाजिक अंतर कायम रह। जिसका यहां के लोगों द्वारा पालन किया जा रहा ह। मुस्लिम समुदाय के सभी लोग रमजान के अवसर पर भी शासनादेश का पालन करते हुए  अपने घरों में नमाज अदा कर रहे हैं।मुस्लिम धर्मगुरुओं ने कहा है कि रमजान का पवित्र महीना गहन इबादत का है, जिसके कारण ईद की नमाज को लेकर मुस्लिम समुदाय काफी चिंतित है। ईद की नमाज साल में एक बार पढ़ी जाती है और देश कोरोना की महामारी से जूझ रहा है, ऐसे कठिन समय में ईद की नमाज के अवसर पर देशहित में सामूहिक दुआएं भी होंगी । ईद की नमाज का मुस्लिम समुदाय के लोगों में बहुत बड़ा धार्मिक महत्व है ।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ईद के त्यौहार पर ईदगाह और मस्जिदों में ईद की नमाज पढ़ना आवश्यक ह। जिसके लिये जमात-ए-इस्लामी हिंद ठाणे के अध्यक्ष मुफ्ती सैय्यद मो.हुजैफा कासमी,जमियत-ए-उलमा हिंद महाराष्ट्र के महासचिव मौलाना हलीमुल्लाह कासमी एवं ऑल इंडिया मुस्लिम ओबीसी आर्गनाइजेशन के राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष मो.फाजिल अंसारी सहित भिवंडी के अन्य मुस्लिम धर्मगुरुओं ने पुलिस आयुक्त से ईद की नमाज ईदगाह एवं मस्जिदों में पढ़ने की अनुमति देने की मांग की है। मुस्लिम धर्मगुरुओं ने पुलिस आयुक्त को विश्वास दिलाया है कि ईद की नमाज के अवसर पर पूर्ण रूप से सामाजिक अंतर  का पालन किया जाएगा ।  

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