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मुंबई महानगरपालिका की हद में बढ़ रहे कोरोना मरीजों के आंकड़े देखते हुए पूरे मुंबई शहर और उपनगर में घर-घर जाकर जांच करने की मांग आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने मुख्यमंत्री उद्धव बालासाहेब ठाकरे और मनपा आयुक्त प्रवीण परदेशी को भेजे हुए पत्र में की हैं।

मुख्यमंत्री उद्धव बालासाहेब ठाकरे, मुख्य सचिव अजोय मेहता और मनपा आयुक्त प्रवीण परदेशी को भेजे हुए पत्र में आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने ध्यान आकृष्ट किया हैं कि स्वयं मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने घर-घर जाकर जांच करने की घोषणा की थी लेकिन मुंबई महानगरपालिका प्रशासन ने उसे गंभीरता से नहीं लिया। राज्य के पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे ने उनके वरली विधानसभा मतदारसंघ में लाखों से अधिक लोगों की जांच करवाई थी। जो आदित्य ठाकरे के विधानसभा में किया गया उसे मुंबई के चांदीवली में अथक सेवा संघ ने छोटे पैमाने पर किया। सच देखा जाए तो यह कार्य मुंबई महानगरपालिका अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग का होते हुए मनपा द्वारा उसे नजरअंदाज करने का आरोप गलगली ने लगाया हैं।

मुंबई का माहौल देखते हुए वन रुपी क्लिनिक के डॉ राहुल घुले ने स्वयं से मनपा आयुक्त प्रवीण परदेशी से संपर्क करने पर उन्होंने सहमती जताई लेकिन उसके बाद यह मामला अतिरिक्त आयुक्त सुरेश काकाणी के पास गया लेकिन उन्होंने रुचि नहीं दिखाई। निजी नहीं तो मनपा ने वरली के तर्ज पर जांच क्यों नहीं की? मुंबईकरों के स्वास्थ्य से क्यों खेला जा रहा हैं? जहां मरीज पाया जाता हैं वहां पर मनपा ताकत लगाती हैं। मरीज मिलने के पहले केरल रहे या भिलवाडा पॅटर्न क्यों कार्यान्वित नहीं किया गया? यह भी सवाल उपस्थित होने की बात अनिल गलगली ने कही हैं।

यहीं काम गत एक महीने में सरलता से होता तो संदेहास्पद मरीज पाए जाते और मुंबई नियंत्रण में रहती, यह कहते हुए अनिल गलगली ने चिंता जताई कि रोजाना मरीज बढ़ रहे हैं। सभी अस्पतालों को कोविड अस्पताल बनाया जा रहा हैं। लेकिन मूल समस्या पर मनपा लापरवाही बरत रही हैं। मुंबई महानगरपालिका की हद में बढ़ने वाली कोरोना मरीजों के आंकड़े देखते हुए पूरे मुंबई में घर-घर जाकर जांच करने की मांग अनिल गलगली ने की हैं।

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