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 दिल्ली की एक अदालत ने 1984 में होने वाले  सिख विरोधी दंगों के दोषियों को सजा सुनाई है। इससे पहले भागलपुर और हाशिमपुरा दंगों के दोषियों को कई वर्षों बाद सजा दी गई है। परंतु दिसंबर 1992 और जनवरी 1993 मुंबई में जो दंगे हुए थे उसके एक भी दोषी को आज तक सजा नहीं हुई है। इसलिए जब 1984 के सिख विरोधी दंगों में यदि 34 वर्ष बाद दोषियों को सजा दिलाई जा सकती है तो फिर मुंबई दंगों के केस में 26 वर्ष बाद दोषियों को सजा क्यों नहीं दिलाई जा सकती? इसी प्रकार तीन तलाक बिल मुस्लिम महिलाओं के साथ हमदर्दी नहीं यह केवल वोटों की राजनीति है, इसलिए यह बिल हमें मंजूर नहीं। इसीलिए पीडितों को न्याय दिलाने और दोषियों को सजा दिलाने के लिए तथा तीन तलाक बिल के विरुद्ध शनिवार 5 जनवरी 019 को दोपहर 2 बजे आजाद मैदान, सी एस टी, मुंबई स्थित सपा प्रदेश अध्यक्ष व विधायक अबू आसिम आजमी के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन किया जाएगा। जिसमें भिवंडी से लगभग 600 सपाई भाग लेंगे। प्रेस विज्ञप्ति में उक्त जानकारी देते हुए भिवंडी शहर जिलाध्यक्ष अरफात शेख ने भिवंडी की जनता से अपील की है कि भारी संख्या में  में भाग लेकर उक्त धरना प्रदर्शन को सफल बनाएं। 

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