Ads (728x90)

मुंबई। अधिभार के रूप में यात्रियों से लिए गए टैक्स के पैसे राज्य सरकार को प्रति माह 5 करोड़ रुपए के हिसाब से देने पड़ेंगे। इसके अलावा पुराने बकाए अधिभार के लिए राज्य सरकार से बातचीत की जाएगी। फ़िलहाल तीन अकाउंट जो मुंबई जिलाधिकारी विभाग की ओर से सील किया गया है वह यथावत है। 5 करोड़ भरने के बाद उसे ओपन किया जाएगा। यह जानकारी बेस्ट के महव्यवस्थापक सुरेंद्र बागड़े ने दी।
     बता दें कि बेस्ट प्रशासन को तकरीबन 500 करोड़ का टैक्स राज्य सरकार को चुकाना है। इसके लिए जिलाधिकारी कार्यालय से नोटिस भी दी गई थी। परंतु बेस्ट की ओर से कोई सकारात्मक जवाब न आने से नाराज़ जिलाधिकारी कार्यालय ने 4 दिन पहले बेस्ट अकाउंट विभाग के तीन अकाउंट को सील कर दिया है। जिलाधिकारी कार्यालय के इस कदम से खराब आर्थिक स्थिति का सामना कर रही बेस्ट की और किरकिरी हो रही है। बेस्ट महाव्यवस्थापक सुरेंद्र बागडे ने बताया कि इस संबंध में राज्य के प्रधान सचिव से मुलाकात कर बातचीत की गई है,उन्होंने सकारात्मक जवाब दिया है। फ़िलहाल बेस्ट को अंतरिम राहत दी गई है। नवंबर माह से 5 करोड़ रुपए प्रति माह अधिभार के रूप में लिया गया टैक्स चुकाना पड़ेगा। उसके बाद ही अकाउंट ओपन किया जाएगा।
गौरतलब है कि बेस्ट बसों में अधिभार के रूप में 15 पैसे लिए जाते हैं। जिसे राज्य सरकार को देना पड़ता है। परंतु पिछले 5 साल से बेस्ट यह पैसे राज्य सरकार के पास जमा नहीं करा रही थी। इसके चलते यह रकम 500 करोड़ रुपए तक पहुंच है। बेस्ट को नोटिस दिए जाने के बाद भी कोई कदम बेस्ट प्रशासन ने नहीं उठाया। इससे नाराज़ जिलाधिकारी कार्यालय को यह कदम उठाना पड़ा।
    इस संबंध में बेस्ट समिति के अध्यक्ष आशिष चेम्बूरकर ने कहा कि अधिभार बकाया की समस्या के बारे में हमें कोई भी जानकारी नहीं थी। अकाउंट सील होने के बाद हमें यह सब पता चला। अगर प्रशासन पहले ही इस बारे में हमें अवगत कराता तो शायद अकाउंट सील की नौबत नहीं आती। बुधवार को महव्यवस्थापक ने इस बारे में जानकारी दी।

Post a comment

Blogger