Ads (728x90)

भिवंडी। एम हुसेन ।पूर्व वर्ष अक्टूबर 2016 में भिवंडी निजामपुर शहर महानगरपालिका के कर्मचारियों ने सानुग्रह अनुदान की मांग को लेकर 13 दिन तक किए गए काम बंद हड़ताल के लिए काटे गए वेतन को भुगतान करने के  संदर्भ में अखबारों में प्रकाशित हुई समाचार को संज्ञान में लेते हुए महापौर जावेद दलवी ने भिवंडी मनपा  आयुक्त मनोहर हिरे को पत्र लिखकर खुलासा करने की मांग की है। जिससे मनपा कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। महापौर द्वारा मनपा आयुक्त को लिखे गए पत्र में यह पूछा गया है कि पूर्व मनपा आयुक्त डॉ योगेश म्हसे ने किस नियम के तहत 13 दिन तक हड़ताल करने वाले कर्मचारियों का वेतन काटा था और आप किस नियम के तहत काटे गए वेतन का मनपा कर्मचारियों को भुगतान करने जा रहे हैं इसकी जानकारी उपलब्ध होना आवश्यक है।
            गौरतलब हो कि अक्टूबर 2016 में दिवाली के अनुग्रह अनुदान राशि मिलने के लिए भिवंडी निजामपुर शहर महानगरपालिका के कर्मचारियों ने 13 दिन तक काम बंद हड़ताल किया था जिसके लिए तत्कालीन मनपा आयुक्त डॉ योगेश मासे ने मनपा कर्मचारियों के 13 दिन का वेतन काट लिया था, इस संदर्भ में मामला ठाणे जिला अधिकारी से लेकर कामगार आयुक्त तक उठाया गया और कामगार आयुक्त के भिवंडी दौरे के बाद यह कहा गया था कि जिन कर्मचारियों का 13 दिन का वेतन काटा गया है उसे वापस दिया जाए मनपा सूत्रों के अनुसार कर्मचारियों के काटे गए वेतन का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। पूर्व माह मनपा कर्मचारियों की यूनियनों के प्रतिनिधियों और मनपा आयुक्त के साथ हुई बैठक में यह मामला उठा था। जिसमें यह खबर आई कि मनपा आयुक्त ने एक समझौता करके कर्मचारियों को सशर्त वेतन देने के लिए हरी झंडी दे दी है। यह खबर सभी अखबारों में छपी थी मनपा कर्मचारियों के यूनियन के प्रतिनिधि और आयुक्त की हुई इस महत्वपूर्ण बैठक की जानकारी महापौर को नहीं दी गई और न ही महापौर उसमें शामिल  हुए थे। जिसको लेकर के यह मामला तूल पकड़ रहा है। बता दे कि इस खबर को सभी अखबारों में छपने को लेकर मनपा महापौर जावेद दलवी ने मनपा आयुक्त को पत्र लिखा और पूरे मामले पर खुलासा करने की मांग की है। जिसको लेकर  मनपा प्रशासन के कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है।

Post a comment

Blogger