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भिवंडी। एम हुसेन ।महाराष्ट्र  शासन के पूर्व परिवहन आयुक्त के मनमाने कार्यभार की जांच कर उनके विरुद्ध  कार्रवाई करने के आदेश केंद्रीय सतर्कता आयोग द्वारा महाराष्ट्र के मुख्य सचिव को दिया गया है।जिसे लेकर परिवहन विभाग में हड़कंप मचा हुआ  है। इस संदर्भ में भिवंडी के राष्ट्रीय मानव हक्क मंच के अध्यक्ष शरद धुमाल ने नई दिल्ली के केंद्रीय सतर्कता आयोग के आयुक्त से शिकायत की थी ।

      गौरतलब है कि दिल्ली के केंद्रीय सतर्कता विभाग को भेजे गए ज्ञापन में भिवंडी के राष्ट्रीय मानव हक्क मंच के अध्यक्ष शरद धुमाल ने आरोप लगाते हुए बताया था कि महाराष्ट्र परिवहन विभाग में आयुक्त पद पर कार्यरत प्रवीण गेडाम ने पद का दुरुपयोग करते हुए आरटीओ में मनमाना कार्य किया है ।उन्होंने बताया कि परिवहन आयुक्त कार्यालय के उच्च अधिकारी अरुण भालचंद्र व अन्य 25 से 30 अधिकारी,कर्मचारियों ने अपनी संपत्ति का ब्यौरा  भ्रष्टाचार विरोधी पथक को न देकर गुमराह करने का काम गेडाम ने किया।उन्होंने बताया कि गेडाम ने आरटीओ विभाग में कार्यरत दलालों पर कोई कार्रवाई नही किया तथा भ्रष्टाचार को संरक्षण दिया।आरटीओ ठाणे कार्यालय द्वारा बनाए गए बोगस ऑटो परमिट व बैच में घोटाला करने वाले अधिकारियों का संरक्षण किया।इतना ही नही ठाणे आरटीओ कार्यालय में दलालों पर लगाम लगाने के लिए कोई योग्य कार्रवाई नही किया ।इसके साथ ही अरुण भालचंद्र सहित 15 वरिष्ठ अधिकारियों की विभागीय जांच को बिना कारण प्रलंबित कर उनके मनमाने कार्य को बढ़ावा दिया।जिसके विरोध में राष्ट्रीय मानव हक्क मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद धुमाल ने दिल्ली के केंद्रीय सतर्कता विभाग के आयुक्त के समक्ष शिकायत किया था।जिसे गंभीरता से लेते हुए आयुक्त ने प्रवीण गेडाम के मनमाने कार्यभार की जांच कर कार्रवाई करने का आदेश राज्य के मुख्य सचिव डी.के.जैन को दिया है।उक्त आदेश से आरटीओ विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।बात दें कि प्रवीण गेडाम इन दिनों केंद्रीय रेल मंत्री पीयुष गोयल के निजी सचिव के पद पर कार्यरत हैं जो  पूर्व में आरटीओ विभाग के आयुक्त पद पर कार्यरत थे।

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